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नई दिल्ली। केंद्र की सहमति से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 6 राज्यों के राज्यपालों की नियुक्ति की है। कुल 6 राज्यपालों की नियुक्ति की सूचना जारी की गई। भाजपा के वरिष्ठ नेता लालजी टंडन को मध्य प्रदेश का नया राज्यपाल बनाया गया है।

वहीं मध्य प्रदेश की मौजूदा गवर्नर आनंदीबेन पटेल को उत्तरप्रदेश भेजा गया। टंडन इससे पहले बिहार के राज्यपाल थे। उनकी जगह फागु चौहान की नियुक्ति हुई है। पश्चिम बंगाल में केसरीनाथ त्रिपाठी को हटाकर जगदीप धनखड़ को राज्यपाल बनाया गया। रमेश बैंस को त्रिपुरा का गवर्नर बनाया गया।

इन राज्यपालों का हुआ तबादला
गुजरात की पूर्व सीएम आनंदीबेन पटेल अभी मध्य प्रदेश की राज्यपाल हैं। उनका तबादला उत्तर प्रदेश कर दिया गया है। बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन का भी तबादला मध्य प्रदेश कर दिया गया है।

राज्य- पहले राज्यपाल- नए राज्यपाल-

उत्तर प्रदेश- राम नाईक (कार्यकाल खत्म) आनंदीबेन पटेल
पश्चिम बंगाल- केसरीनाथ त्रिपाठी (कार्यकाल खत्म) जगदीप धनखड़
मध्य प्रदेश- आनंदीबेन पटेल (ट्रांसफर) लालजी टंडन
बिहार- लालजी टंडन फगु चौहान
त्रिपुरा- कप्तान सिंह सोलंकी (कार्यकाल खत्म) रमेश बैंस
नगालैंड- पद्मनाभ आचार्य (कार्यकाल खत्म) आरएन रवि

लालजी टंडन ने अटलजी की सीट से लड़ा था चुनाव
लालजी टंडन का जन्म 12 अप्रैल 1935 में हुआ। वो भाजपा के एक वरिष्ठ राजनेता हैं। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के 2009 में राजनीति से संन्यास लेने के बाद वो लखनऊ से 2009 में लोकसभा सांसद चुने गए थे। उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहने वाले टंडन प्रदेश की भाजपा सरकारों में मंत्री भी रहे हैं।

लालजी टंडन का राजनीतिक सफर साल 1960 में शुरू हुआ। मायावती और कल्याण सिंह की कैबिनेट में वह नगर विकास मंत्री रहे। कुछ वर्षों तक वह नेता प्रतिपक्ष भी रहे। टंडन ने जेपी आंदोलन में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था।

पिछले साल राज्यपाल बनीं थी आनंदीबेन
21 जनवरी 1941 को जन्मी आनंदी ने जनवरी 2018 में मध्य प्रदेश के राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी। वे राज्य की दूसरी महिला राज्यपाल थीं। इसके पहले सरला ग्रेवाल मार्च 1989 से फरवरी 1990 तक प्रदेश की राज्यपाल रही थीं। आनंदी 1988 में भाजपा में शामिल हुई। 1995 में शंकर सिंह वाघेला ने जब पार्टी से बगावत की थी, तो उस कठिन दौर में उन्होंने नरेंद्र मोदी के साथ काम किया।

1998 में गुजरात कैबिनेट में आने के बाद से उन्होंने शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण जैसे मंत्रालयों का जिम्मा संभाला। मई 2014 से अगस्त 2016 तक वे गुजरात की मुख्यमंत्री रहीं। गुजरात विधानसभा चुनाव में न लड़ने के फैसले के बाद पिछले साल जनवरी में उन्हें मध्यप्रदेश का राज्यपाल बनाया गया। वे मध्यप्रदेश की दूसरी और कुल 27वीं महिला गवर्नर थीं।

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नई दिल्ली। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और मौजूदी विकाट कीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास की खबरें काफी समय से सोशल मीडिया पर चल रही है। धोनी बहुत बड़े स्तर के खिलाड़ी हैं और टीम में उनकी भूमिका काफी ज्यादा है। अब धोनी ने वेस्टइंडीज दौरे पर जाने से साफ मना कर दिया है और उन्होंने फैसला 2 महीने तक क्रिकेट से दूर रहेंगे।

38 वर्षीय धोनी ने बीसीसीआई को सूचित किया है कि वह फिलहाल दो महीने किसी भी तरह की क्रिकेट के लिए अनुपलब्ध रहेंगे। धोनी अगले 2 महीनों के लिए पैरा सैन्य रेजिमेंट में शामिल हो रहे हैं। इससे यह साफ होता है कि धोनी टीम इंडिया के साथ वेस्टइंडीज दौरे पर नहीं जाएंगे।

बता दें कि टीम इंडिया तीन अगस्त से वेस्टइंडीज दौरा शुरू करेगी। भारत को इस दौरान तीन टी-20 इंटरनेशनल, तीन वनडे और दो टेस्ट मैच खेलने हैं। वेस्टइंडीज दौरे के लिए टीम इंडिया का चयन कल यानी रविवार को किया जाएगा। हालांकि धोनी ने संन्यास का ऐलान नहीं किया है, लेकिन वह 2 महीने कोई क्रिकेट नहीं खेलेंगे।

इससे पहले यह अनुमान लगाया जा रहा था कि धोनी वर्ल्ड कप के बाद क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे। इससे पहले धोनी के संन्यास की खबरों पर उनके मैनेजर और दोस्त अरुण पांडे ने बयान दिया था। अरुण पांडे ने कहा था कि धोनी का अभी संन्यास का कोई इरादा नहीं है।

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इंदौर। एंकर-विख्यात फेन निर्माता कम्पनी वंडर फाइब्रोमेट्स लिमिटेड द्वारा इंदौर में एक आईपीओ समिट का आयोजन किया गया। वंडर फाइब्रोमेट्स कम्पनी अपना आईपीओ लाने जा रहा है, जिसकी मार्केटिंग को लेकर कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर हर्ष आनंद सहित अन्य डायरेक्टर इंदौर पहुंचे।

पिछले कई वर्षों से फेन बना रही वंडर फाइब्रोमेट्स कंपनी हैदराबाद में एक नया प्लांट डालने जा रही है। साथ ही अन्य उत्पाद भी कंपनी द्वारा लाए जाएंगे, जिसके लिए यह कंपनी का आईपीओ लांच किया जा रहा है।

इंदौर के एक निजी होटल में हुई समिट के दौरान पांच साल पुरानी वंडर फाइब्रोमेट्स कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर हर्ष आनंद ने बताया कि समय के अनुसार परिवर्तन होता रहता है। उसी के मद्देनजर कंपनी द्वारा फेन बनाने के लिए अच्छी और नई टेक्नोलॉजी की मशीनें लगाई जाती है, ताकि उपभोक्ताओं की जरूरत को पूरा किया जा सके।

हर्ष आनंद ने बताया कि आम जीवन मे पंखों का बड़ा महत्व है, कई राज्यों में तो पंखे पूरे साल की जरूरत होते है। वंडर फाइब्रोमेट्स देश की 13 जानी मानी फेन विक्रेता कंपनी को पंखा बनाकर देती है। हर्ष आनंद के अनुसार कंपनी दूसरे प्रोडक्ट का निर्माण भी करने जा रही है, जो बहुत जल्द मार्केट में देखने को मिलेगा, इसीलिए कंपनी का आईपीओ लाया जा रहा है।

आयोजन में पीपीटी के माध्यम से कम्पनी के सभी जिम्मेदारों से समिट में मौजूद लोगों को रूबरू करवाया गया। वीडियो के माध्यम से पंखे की उच्च गुणवत्ता के बारे में भी कम्पनी वालों ने नई टेक्नोलॉजी की मशीनों के बारे में भी सभी को अवगत कराया। अईपीओ की मार्केटिंग के लिए कम्पनी इंदौर आई थी। हैदराबाद में कम्पनी का नया प्लांट खुलने जा रहा है और उसी के लिए कम्पनी अपना आईपीओ ला रही है। इसी को लेकर इंदौर में समिट का आयोजन किया गया था।

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नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने आज सोनभद्र नरसंहार के पीड़ितों से चुनार गेस्ट हाउस में मुलाकात की। पाड़ितों के परिजनों से मिलकर प्रियंका भावुक हो गई और रोने लगी। हालांकि कुछ पीड़ितों को प्रशासन ने बाहर ही रोक दिया। प्रियंका ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘प्रशासन न हमें मिलने दे रहा है और पीड़ित परिवारों को भी यहां आने से रोक रहा है।

‘प्रशासन की मानसिकता क्या है?
प्रियंका ने कहा, ‘पीड़ितों के सिर्फ दो रिश्तेदारों ने मुझसे मुलाकात की, 15 लोगों को मुझसे मिलने नहीं दिया गया। न ही मुझे उनसे मिलने की अनुमति दी गई। भगवान जाने इनकी मानसिकता क्या है? आप थोड़ा दबाव बनाइए, उन्हें आने दीजिए।’ प्रियंका ने आगे कहा, ‘प्रशासन की मानसिकता मेरे समझ से परे हैं। वे लोग इतने दर्द में मुझसे मिलने आए हैं लेकिन प्रशासन ने मुझे जाने दे रहा है और न उन्हें आने दे रहा है। जिनसे मिलने मैं आई थीं, उन्हें मुझसे मिलने आना पड़ रहा है। कुछ लोगों को मिलने से रोका जा रहा है।’

मैं धारा 144 का उल्लंघन नहीं करना चाहती- प्रियंका
प्रियंका गांधी ने चुनार गेस्ट हाउस से सुबह कहा था, ‘जब मुझे कल रोका गया तो मैंने कहा था कि मैं धारा 144 का उल्लंघन नहीं करना चाहती हूं और आप गाड़ी में ही मुझे बैठाकर ले चलिए, मैं अपने साथ दो लोगों को ही लेकर सोनभद्र चलने के लिए तैयार हूं लेकिन मैं पीड़ितों से किसी भी सूरत में मिलना चाहती हूं। मुझे पीड़ितों से मिलना है मिलवा दें। मैं परिवार के सदस्यों से मिले बिना नहीं जाऊंगी। अगर सोनभद्र के बाहर भी मिलवाना चाहे तो मिलवा दें।’

क्या इन आँसुओं को पोंछना अपराध है? pic.twitter.com/HdPAEkGJGj

— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) July 20, 2019

हमें प्रियंका से मिलने से रोका जा रहा था- पीड़ित
पीड़ित परिवारों से बात करते हुए प्रियंका भावुक भी हो गईं। प्रियंका ने कहा कि वह धारा 144 का उल्लंघन नहीं करना चाहतीं, फिर भी सरकार उन्हें पीड़ितों से मिलने नहीं दे रही है। इससे पहले गेस्ट हाउस के बाहर पीड़ितों ने बताया कि उन्हें यहां आने से रोका जा रहा था, वे कुल 15 लोग हैं जिसमें महिलाएं भी शामिल हैं। पीड़ितों ने कहा कि वे खुद अपना टेंपो करके यहां आए हैं।

मनमानी कर रही यूपी सरकार- राहुल गांधी
प्रियंका को रोके जाने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी है। राहुल ने ट्वीट किया है कि प्रियंका को अवैध रूप से असेस्ट किया गया है। प्रियंका को पीड़ितों से मिलने से रोकने के लिए सत्ता का मनमाना उपयोग किया जा रहा है। इससे ये साबित होता है कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार असहज महसूस कर रही है।

मिर्जापुर पहुंच रहे हैं सीएम भूपेश बघेल
दूसरी ओर, कांग्रेस के कई बड़े भी मिर्जापुर के चुनार गेस्ट हाउस पहुंच रहे हैं। प्रियंका के समर्थन में छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश सिंह बघेल, जितिन प्रसाद और दीपेंद्र हु़ड्डा भी चुनार पहुंच रहे हैं।

यूपी में अघोषित इमर्जेंसी- कांग्रेस
उधर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने गवर्नर राम नाईक से मुलाकात की। मुलाकात के बाद प्रमोद तिवारी ने कहा, ‘यह सरकार नहीं चाहती है कि कोई भी पीड़ितों के आंसू पोछे। जो कुछ भी हुआ, वह असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक था। ऐसा लगता है कि शायद यूपी सरकार ने अपने पाप और कमियां छिपाने के लिए अघोषित इमर्जेंसी लागू कर दी है।’

राजनीतिक रोटियां न सेंके प्रियंका- बीजेपी
दूसरी ओर बीजेपी ने प्रियंका के धरने को राजनीतिक ड्रामा करार दिया है। यूपी के मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा, ‘श्रीमती वाड्रा को लगता है कि सोनभद्र में टूरिज्म चल रहा है। इसलिए वे घूमने जा रहे हैं। बीएचयू गईं पीड़ित परिवारों से मिलने किसी ने आपको रोका नहीं लेकिन यहां पर धारा 144 लगाया है और अगर आप शांति भंग करने जाएंगी तो कोई सरकार अनुमति नहीं देगी।’

‘1955 में आपकी सरकार ने वनवासियों की जमीनें बेची’ सिद्धार्थ नाथ सिंह ने आगे कहा, ‘जो प्रशासन है अपना काम किया, आप दखलअंदाजी करेंगे, रोटियां सेकेंगे, रोड पर लेट जाएंगे तो इससे चुनाव में जो हार मिली है उस पर कोई लाभ नहीं मिलेगा। 1955 में आपकी ही (कांग्रेस) सरकार थी और आपने यही वनवासियों की जमीन बेच दी थी इसलिए इतने भू-माफिया पैदा हो गए हैं जिनका हम निस्तारण कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि आज ये रेकॉर्ड सामने आ रहे हैं। उस समय इतने आदिवासियों की जमीनें बेची गईं जिससे विवाद हो रहा है।

क्या था मामला
बता दें कि उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में जमीन विवाद को लेकर हुई हिंसा में घायल हुए लोगों से मिलने जा रही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के काफिले को रोके जाने की सूचना है। सूत्रों के अनुसार बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के आईसीयू में इस हिंसा में घायल लोगों से मिलने के बाद जब प्रियंका ने सोनभद्र की ओर रुख किया तो उन्हें मिर्जापुर के नारायण पुर चौकी के पास रोका गया। काफिले को रोके जाने के बाद प्रियंका वहीं धरने पर बैठ गईं। बाद में उन्हें चुनाव गेस्ट हाउस ले जाया गया।

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नई दिल्ली। एक सर्वे के अनुसार पीएम नरेंद्र मोदी दुनिया में छठे और भारत के सबसे पसंदीदा पुरुष बन गए हैं। पसंदीदा पुरुषों की सूची में बिल गेट्स पहले स्थान पर हैं। वहीं, महिलाओं की सूची में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की पत्नी मिशेल ओबामा पहले नंबर पर काबिज हैं। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन पुरुषों की सूची में 12वें नंबर पर हैं। बॉलिवुड के रोमांस किंग शाहरुख खान 16वें नंबर पर और 18वें नंबर पर सलमान खान का नाम है।

महिलाओं की सूची में ऐक्ट्रेस दीपिका पादुकोण ने प्रियंका चोपड़ा को पीछे कर 13वां स्थान पाया है। प्रियंका चोपड़ा इस बार 14वें नंबर पर हैं, जबकि पिछले साल वह 12वें नंबर पर थीं। इंटरनेट और डेटा मार्केटिंग फर्म YouGov ने इस लिस्ट को तैयार किया है। ये लिस्ट ऑनलाइन वोटिंग के आधार पर बनाई की है।

एक परिवार के तौर पर देखें, तो दुनिया के कुछ परिवार ऐसे हैं, जिनके दो-दो सदस्यों ने इस सूची में स्थान बनाया है। इनमें भारत का बच्चन परिवार भी है, अमिताभ बच्चन जहां पुरुषों की सूची में वैश्विक स्तर पर 12वें स्थान पर हैं, वहीं उनकी पुत्रवधू बहू ऐश्वर्या महिलाओं के बीच 16वें रैंक पर हैं। अमेरिका के पूर्व प्रधानमंत्री बराक ओबामा लोकप्रियता के मामले में पत्नी मिशेल ओबामा से पीछे हैं। हालांकि वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (चौदहवें) पत्नी मिलेनिया ट्रंप (उन्नीसवां) से ज्यादा लोकप्रिय हैं।

शाहरूख 16वें नंबर पर सलमान को भी मिली जगह
बॉलीवुड के पुरुष कलाकारों में अमिताभ बच्चन का नाम टॉप पर है, यू गॉव की सूची में वह 12वें स्थान पर हैं। शाहरूख खान इस सूची में 16वें नंबर पर हैं। सलमान खान भी इस सूची में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहे हैं। वह लिस्ट में 18वें स्थान पर हैं, 20 सबसे ज्यादा प्रशंसा बटोरने वाली अभिनेत्रियों में दीपिका पादुकोण, प्रियंका चोपड़ा, ऐश्वर्या राय और सुष्मिता सेन के भी नाम शामिल हैं।

टॉप 10 पसंदीदा पुरुष
1 बिल गेट्स, 2 बराक ओबामा, 3 जैकी चैन, 4 शी जिनपिंग, 5 जैक मा, 6 नरेंद्र मोदी, 7 रोनाल्डो, 8 दलाई लामा, 9 मेसी, 10 पुतिन

टॉप 10 पसंदीदा महिलाएं
1 मिशेल ओबामा, 2 ओपेरा विनफ्रे, 3 एंजेलिना जॉली, 4 क्वीन एलिजाबेथ-2, 5 एम्मा वाटसन, 6 मलाला यूसफजई, 7 पेंग लियुआन, 8 हिलेरी क्लिंटन, 9 तू यूयू, 10 टेलर स्विफ्ट

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भगवान शिव की पूजा में बिल्व पत्र यानी बेल पत्र का विशेष महत्व है। महादेव एक बेलपत्र अर्पण करने से भी प्रसन्न हो जाते है, इसलिए तो उन्हें आशुतोष भी कहा जाता है।

बिल्व तथा श्रीफल नाम से प्रसिद्ध यह फल बहुत ही काम का है। यह जिस पेड़ पर लगता है वह शिवद्रुम भी कहलाता है। बिल्व का पेड़ संपन्नता का प्रतीक, बहुत पवित्र तथा समृद्धि देने वाला है।

बेल के पत्ते शंकर जी का आहार माने गए हैं, इसलिए भक्त लोग बड़ी श्रद्धा से इन्हें महादेव के ऊपर चढ़ाते हैं। शिव की पूजा के लिए बिल्व-पत्र बहुत ज़रूरी माना जाता है। शिव-भक्तों का विश्वास है कि पत्तों के त्रिनेत्रस्वरूप् तीनों पर्णक शिव के तीनों नेत्रों को विशेष प्रिय हैं।

भगवान शंकर का प्रिय

भगवान शंकर को बिल्व पत्र बेहद प्रिय हैं। भांग धतूरा और बिल्व पत्र से प्रसन्न होने वाले केवल शिव ही हैं। शिवरात्रि के अवसर पर बिल्वपत्रों से विशेष रूप से शिव की पूजा की जाती है। तीन पत्तियों वाले बिल्व पत्र आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं, किंतु कुछ ऐसे बिल्व पत्र भी होते हैं जो दुर्लभ पर चमत्कारिक और अद्भुत होते हैं।

बिल्वाष्टक और शिव पुराण

बिल्व पत्र का भगवान शंकर के पूजन में विशेष महत्व है जिसका प्रमाण शास्त्रों में मिलता है। बिल्वाष्टक और शिव पुराण में इसका स्पेशल उल्लेख है। अन्य कई ग्रंथों में भी इसका उल्लेख मिलता है। भगवान शंकर एवं पार्वती को बिल्व पत्र चढ़ाने का विशेष महत्व है।

मां भगवती को बिल्व पत्र

श्रीमद् देवी भागवत में स्पष्ट वर्णन है कि जो व्यक्ति मां भगवती को बिल्व पत्र अर्पित करता है वह कभी भी किसी भी परिस्थिति में दुखी नहीं होता। उसे हर तरह की सिद्धि प्राप्त होती है और कई जन्मों के पापों से मुक्ति मिलती है और वह भगवान भोले नाथ का प्रिय भक्त हो जाता है। उसकी सभी इच्छाएं पूरी होती हैं और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है।

बिल्व पत्र के प्रकार

बिल्व पत्र चार प्रकार के होते हैं – अखंड बिल्व पत्र, तीन पत्तियों के बिल्व पत्र, छः से 21 पत्तियों तक के बिल्व पत्र और श्वेत बिल्व पत्र। इन सभी बिल्व पत्रों का अपना-अपना आध्यात्मिक महत्व है। आप हैरान हो जाएंगे ये जानकर की कैसे ये बेलपत्र आपको भाग्यवान बना सकते हैं और लक्ष्मी कृपा दिला सकते हैं।

अखंड बिल्व पत्र

इसका विवरण बिल्वाष्टक में इस प्रकार है – ‘‘अखंड बिल्व पत्रं नंदकेश्वरे सिद्धर्थ लक्ष्मी’’। यह अपने आप में लक्ष्मी सिद्ध है। एकमुखी रुद्राक्ष के समान ही इसका अपना विशेष महत्व है। यह वास्तुदोष का निवारण भी करता है। इसे गल्ले में रखकर नित्य पूजन करने से व्यापार में चैमुखी विकास होता है।

तीन पत्तियों वाला बिल्व पत्र

इस बिल्व पत्र के महत्व का वर्णन भी बिल्वाष्टक में आया है जो इस प्रकार है- ‘‘त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रिधायुतम् त्रिजन्म पाप सहारं एक बिल्वपत्रं शिवार्पणम’’ यह तीन गणों से युक्त होने के कारण भगवान शिव को प्रिय है। इसके साथ यदि एक फूल धतूरे का चढ़ा दिया जाए, तो फलों में बहुत वृद्धि होती है।

इस तरह बिल्व पत्र अर्पित करने से भक्त को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है। रीतिकालीन कवि ने इसका वर्णन इस प्रकार किया है- ‘‘देखि त्रिपुरारी की उदारता अपार कहां पायो तो फल चार एक फूल दीनो धतूरा को’’ भगवान आशुतोष त्रिपुरारी भंडारी सबका भंडार भर देते हैं।

आप भी फूल चढ़ाकर इसका चमत्कार स्वयं देख सकते हैं और सिद्धि प्राप्त कर सकते हैं। तीन पत्तियों वाले बिल्व पत्र में अखंड बिल्व पत्र भी प्राप्त हो जाते हैं। कभी-कभी एक ही वृक्ष पर चार, पांच, छह पत्तियों वाले बिल्व पत्र भी पाए जाते हैं। परंतु ये बहुत दुर्लभ हैं।

10 छह से लेकर 21 पत्तियों वाले बिल्व पत्र

ये मुख्यतः नेपाल में पाए जाते हैं। पर भारत में भी दक्षिण में कहीं-कहीं मिलते हैं। जिस तरह रुद्राक्ष कई मुखों वाले होते हैं उसी तरह बिल्व पत्र भी कई पत्तियों वाले होते हैं।

श्वेत बिल्व पत्र

जिस तरह सफेद सांप, सफेद टांक, सफेद आंख, सफेद दूर्वा आदि होते हैं उसी तरह सफेद बिल्वपत्र भी होता है। यह प्रकृति की अनमोल देन है। इस बिल्व पत्र के पूरे पेड़ पर श्वेत पत्ते पाए जाते हैं। इसमें हरी पत्तियां नहीं होतीं। इन्हें भगवान शंकर को अर्पित करने का विशेष महत्व है।

कैसे आया बेल वृक्ष

बेल वृक्ष की उत्पत्ति के संबंध में ‘स्कंदपुराण’ में कहा गया है कि एक बार देवी पार्वती ने अपनी ललाट से पसीना पोछकर फेंका, जिसकी कुछ बूंदें मंदार पर्वत पर गिरीं, जिससे बेल वृक्ष उत्पन्न हुआ। इस वृक्ष की जड़ों में गिरिजा, तना में महेश्वरी, शाखाओं में दक्षयायनी, पत्तियों में पार्वती, फूलों में गौरी का वास माना गया है।

बिल्व-पत्र तोड़ने का मंत्र

बिल्व-पत्र को सोच-विचार कर ही तोड़ना चाहिए। पत्ते तोड़ने से पहले यह मंत्र बोलना चाहिए-

अमृतोद्भव श्रीवृक्ष महादेवप्रिय: सदा।
गृह्यामि तव पत्राणि शिवपूजार्थमादरात्॥

अर्थ- अमृत से उत्पन्न सौंदर्य व ऐश्वर्यपूर्ण वृक्ष महादेव को हमेशा प्रिय है। भगवान शिव की पूजा के लिए हे वृक्ष में तुम्हारे पत्र तोड़ता हूं।

पत्तियां कब न तोड़ें

विशेष दिन या पर्वो के अवसर पर बिल्व के पेड़ से पत्तियां तोड़ना मना है। शास्त्रों के अनुसार इसकी पत्तियां इन दिनों में नहीं तोड़ना चाहिए-

सोमवार के दिन चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी और अमावस्या की तिथियों को। संक्रांति के पर्व पर।

क्या चढ़ाया गया बिल्व-पत्र भी चढ़ा सकते हैं

शास्त्रों में विशेष दिनों पर बिल्व-पत्र चढ़ाने से मना किया गया है तो यह भी कहा गया है कि इन दिनों में चढ़ाया गया बिल्व-पत्र धोकर पुन: चढ़ा सकते हैं।

अर्पितान्यपि बिल्वानि प्रक्षाल्यापि पुन: पुन:।
शंकरायार्पणीयानि न नवानि यदि चित्॥
(स्कन्दपुराण, आचारेन्दु)

अर्थ- अगर भगवान शिव को अर्पित करने के लिए नूतन बिल्व-पत्र न हो तो चढ़ाए गए पत्तों को बार-बार धोकर चढ़ा सकते हैं।

विभिन्न रोगों की कारगर दवा

बिल्व-पत्र-बिल्व का वृक्ष विभिन्न रोगों की कारगर दवा है। इसके पत्ते ही नहीं बल्कि विभिन्न अंग दवा के रूप में उपयोग किए जाते हैं। पीलिया, सूजन, कब्ज, अतिसार, शारीरिक दाह, हृदय की घबराहट, निद्रा, मानसिक तनाव, श्वेतप्रदर, रक्तप्रदर, आंखों के दर्द, रक्तविकार आदि रोगों में बिल्व के विभिन्न अंग उपयोगी होते हैं। इसके पत्तो को पानी से पकाकर उस पानी से किसी भी तरह के जख्म को धोकर उस पर ताजे पत्ते पीसकर बांध देने से वह शीघ्र ठीक हो जाता है।

पूजन में महत्व

वस्तुत: बिल्व पत्र हमारे लिए उपयोगी वनस्पति है। यह हमारे कष्टों को दूर करती है। भगवान शिव को चढ़ाने का भाव यह होता है कि जीवन में हम भी लोगों के संकट में काम आएं। दूसरों के दु:ख के समय काम आने वाला व्यक्ति या वस्तु भगवान शिव को प्रिय है। सारी वनस्पतियां भगवान की कृपा से ही हमें मिली हैं अत: हमारे अंदर पेड़ों के प्रति सद्भावना होती है। यह भावना पेड़-पौधों की रक्षा व सुरक्षा के लिए स्वत: प्रेरित करती है। पूजा में चढ़ाने का मंत्र-भगवान शिव की पूजा में बिल्व पत्र यह मंत्र बोलकर चढ़ाया जाता है। यह मंत्र बहुत पौराणिक है।

त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रिधायुतम्।
त्रिजन्मपापसंहारं बिल्वपत्रं शिवार्पणम्॥

अर्थ- तीन गुण, तीन नेत्र, त्रिशूल धारण करने वाले और तीन जन्मों के पाप को संहार करने वाले हे शिवजी आपको त्रिदल बिल्व पत्र अर्पित करता हूं।

रुद्राष्टाध्यायी के इस मन्त्र को बोलकर बिल्वपत्र चढ़ाने का विशेष महत्त्व एवं फल है।

दर्शनं बिल्वपत्रस्य स्पर्शनम्‌ पापनाशनम्‌। अघोर पाप संहारं बिल्व पत्रं शिवार्पणम्‌॥त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रिधायुधम्‌। त्रिजन्मपापसंहारं बिल्वपत्रं शिवार्पणम्‌॥
अखण्डै बिल्वपत्रैश्च पूजये शिव शंकरम्‌। कोटिकन्या महादानं बिल्व पत्रं शिवार्पणम्‌॥गृहाण बिल्व पत्राणि सपुश्पाणि महेश्वर। सुगन्धीनि भवानीश शिवत्वंकुसुम प्रिय।

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जाएंगे। इसके लिए सीएम ने आज से अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। बता दें कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को हिरासत में लेने के बाद देशभर में कांग्रेसियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। यूपी समेत देश भर के कई राज्यों में प्रियंका की गिरफ्तारी को लेकर प्रोटेस्ट शुरू हो गया है।

वही प्रियंका को रोके जाने के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। कल सीएम भूपेश के गृह जिले दुर्ग में भी यूथ कांग्रेस के नेताओं ने सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। इधर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रियंका के समर्थन में आज यूपी के सोनभद्र जाएंगे। सीएम भूपेश ने छत्तीसगढ़ के अगले 2 दिन के सारे कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं।

भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि सोनभद्र हत्या कांड के पीड़ितों से मिलने से रोकना व गिरफ्तारी करना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अजय सिंह बिष्ट योगी आदित्यनाथ की तानाशाही और अराजक प्रविष्टि का प्रमाण है। सीएम भूपेश ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि रामराज्य का नारा देने वाले ढोंगी लोग कभी रामायण पढ़कर असली लोकतंत्र का अर्थ भी जान ले।

बता दें प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी के बाद किसान कांग्रेस ने इस घटना के खिलाफ देशभर में बीजेपी कार्यालय हो के बाहर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। गौरतलब है कि सोनभद्र जाते हुए मिर्जापुर जिले के नारायणपुर में रोके जाने पर कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वहीं धरने पर बैठ गई। प्रशासन ने उन्हें वहां से हिरासत में ले लिया और चुनार की ओर रवाना हो गए। इस दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ता एसडीएम के वाहन के सामने लेकर लेट गए। कांग्रेसियों ने उग्र रवैया को देख पुलिसकर्मियों ने सड़क पर लेटे कार्यकर्ताओं को वाहन के सामने से घसीटना शुरू कर दिया। इसके बाद प्रियंका को लेकर एसडीएम फोर्स के साथ चुनार किला पहुंचे।

पूर्वांचल में रोका वाहन
कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को हिरासत में लेकर जब एसडीएम चुनार किले के लिए रवाना हुए। तो कैलहट पहुंचने पर कांग्रेस के पूर्व विधायक ललितेश पति त्रिपाठी के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने एसडीएम का वाहन रोक दिया। कांग्रेसियों ने प्रियंका गांधी से मुलाकात के दौरान उनके समर्थन में जमकर नारेबाजी की।

वहीं बलिया में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चक्का जाम करने के साथ केंद्र और प्रदेश सरकार पर हमला बोला। प्रतापगढ़ जिले में भी प्रियंका की गिरफ्तारी के कांग्रेसी गुस्से में दिखे। इधर छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले समेत कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। इसी संदर्भ में आज सीएम भूपेश बघेल यूपी रवाना होंगे और प्रियंका गांधी के समर्थन में धरने पर बैठ सकते हैं।

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नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमती धातुओं में पिछले सत्र रही जबरदस्त तेजी के कारण शुक्रवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 36 हजार रुपये प्रति दस ग्राम की ओर लपकते हुये 280 रुपये चढ़कर 35,950 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गया। इस दौरान चाँदी 855 रुपये की बड़ी छलांग लगाकर 42,035 रुपये प्रति किलोग्राम बोली गयी।

अगस्त का अमेरिकी सोना वायदा एक डॉलर की गिरावट में 1,422.30 डॉलर प्रति औंस बोला गया। बाजार विश्लेषकों ने बताया कि गत दिवस की तेजी के बाद आज बाजार में मुनाफाखोरी हावी रही। इससे सोने में नरमी देखी गयी है। इसका परिदृश्य हालांकि अभी मजबूत बना हुआ है। बुधवार को एक समय सोना हाजिर दो सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया था।विदेशों में चाँदी में तेजी रही और यह 0.11 डॉलर चमककर 16.06 डॉलर प्रति औंस पर पहुँच गयी।

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मुंबई। विदेशी बाजार से मिले मजबूत संकेतों से शुक्रवार को घरेलू बाजार की शुरुआत तेजी के साथ हुई मगर जल्द ही गिरावट आ गई। सत्र के शुरुआती घंटे के कारोबार के दौरान सेंसेक्स 200 अंकों से ज्यादा लुढ़का। निफ्टी में 70 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले सेंसेक्स जबरदस्त उछाल के साथ 39,000 के उपर खुला और निफ्टी की भी शुरुआत मजबूती के साथ 11,600 के ऊपर हुई।

सुबह 9.56 बजे सेंसेक्स पिछले सत्र से 176.37 अंकों यानी 0.45 फीसदी की गिरावट के साथ 38,721.09 पर कारोबार कर रहा था और निफ्टी भी 58.35 अंकों यानी 0.50 फीसदी की कमजोरी के साथ 11,538.55 पर बना हुआ था।

बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सत्र की क्लोजिंग से 161.27 अंकों यानी 0.41 फीसदी की तेजी के साथ 39,058.73 पर खुला मगर उसके बाद कारोबारी रुझान कमजोर होने के कारण सूचकांक फिसल गया। शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स का निचला स्तर 38,673.07 रहा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी पिछले सत्र के मुकाबले 31.05 अंकों की तेजी के साथ 11,627.95 पर खुला और 11,640.35 तक उछला लेकिन बाद में गिरावट आने पर निफ्टी 11,526.60 तक लुढ़का। विदेशी बाजार से मिले मजबूत संकेतों से घरेलू बाजार में सत्र की शुरुआत तेजी के साथ हुई। पिछले सत्र में बिकवाली के भारी दबाव में बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी।

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