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Hair Care Tips for Holi in Hindi – होली खुशियों और रंगों का त्यौहार है। ऐसे में हमारा फर्ज है कि हम इसे सावधानी वरतते हुए अच्छे से मनाएं। होली में जिन रंगों व गुलाल का उपयोग होता है वह हानिकारक कैमिकल्स से तैयार किये जाते हैं. जो हमारे शरीर व बालों के लिए बहुत हानिकारक साबित हो सकते हैं.

होली के रंग व गुलाल यदि बालों पर पड़ जायें तो हमारे बाल रूखे व बेजान हो जाते हैं. तो ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे है कि होली के त्यौहार पर बालों का कैसे ख्याल रखें।

होली के रंगो से बालों को बचाने के 5 उपाय – Hair Care Tips for Holi in Hindi

तेल की मसाज- यदि आप चाहते हैं कि आपके बाल होली के रंगों से सुरक्षित रहें तो इसके लिए आपको करीब 15-20 मिनट पहले अपने बालों पर पर्याप्त मात्रा में तेल( जैतून, नारियल , सरसों आदि ) से मालिस कर लेनी चाहिए।  ध्यान रखें तेल ठंडा होना चाहिए, गर्म तेल का उपय़ोग न करें इससे बालों को नुकसान हो सकता है।

यदि आप होली पर होली शायरी हिंदी में पढ़ना चाहते हैं तो यहां से पढ़ सकते हैं।

2- बालों पर टोपी का उपयोग करें– होली खेलते समय इस बात का ध्यान रखें कि अपना सिर खुला हुआ नहीं छोड़ें इससे होता ये है कि आपके बालों पर पड़ने वाला रंग बालों में चला जाता है और वह खोपड़ी में जाकर जम जाता है,इसके अलावा खुले बाल रंगों को ज्यादा सोखते हैं। तो होली खेलते समय टोपी या स्कार्फ आदि का उपयोग करें हो सकते तो टोपी के नीचे वाटरप्रूफ पन्नी लगा लें।

3- होली खेलने के बाद बालों को करें साफ- होली खेलने के बाद बालों को साफ करना बेहद जरूरी है. यदि आपने सूखे रंगों का उपयोग किया है तो बालों पर ब्रश कर लें इससे काफी रंग निकल जाते हैं लेकिन यदि आपने गीले रंगो का उपयोग किया है तो आपको सादे पानी से बालों को अच्छी तरह धुलकर शैम्पू लगाने के बाद अच्छे से साफ करना चाहिए।

4. शैम्पू का ज्यादा उपयोग न करें– ध्यान रहे कि होली पर गिरा हुआ रंग जल्दी से छुटाने की कोशिश में अपने बालों को बार-बार शैम्पू न लगायें और न ही बालों को ज्यादा रगड़ें. रंग निकलने में थोड़ा समय लग सकता है। हो सके तो प्राकृतिक शैम्पू व बैबी शैम्पू का बाल धुलते वक्त उपयोग करें।

आप Holi Massages in Hindi यहां से पढ़ सकते हैं.

5. बाल धुलते वक्त गर्म पानी से बचें– होली के रंगों को छुटाने के लिए कभी भी गर्म पानी का उपयोग न करें इससे बाल शुष्क हो सकते हैं। इसके अलावा बालों को धुलने के बाद ब्लो-ड्राई भी न करें, बालों को प्राकृतिक तरीके से ही सूखने दें।

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उम्मीद है कि आपको होली के रंगो से बालों को बचाने के उपाय – Hair Care Tips for Holi in Hindi जरूर पसंद आये होंगे।

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Cranberry in Hindi – क्रैनबेरी (Cranberry) जिसको हिंदी में (Cranberry called in hindi) करौंदा भी कहते हैं. इसका वैज्ञानिक नाम वैक्सीनियम मैक्रोकारन (Vaccinium Macrocarpon) हैं। करौंदे का पेड़ मुख्य रूप से पहाड़ी क्षेत्र में ज्यादा होता हैं. इसका पेड़ कटीला झाड़ की तरह होता हैं. इसका पेड़ 5 से 6 फिट तक ऊंचा होता है। करौंदा का फल (cranberry fruit) आकार में बहुत छोटा होता हैं जिसका रंग गहरा गुलाबी और खाने में खट्टा मीठा होता हैं। इसकी तासीर गरम होती हैं।

करौंदा में विटामिन C व एंटी-ऑक्सीडेंट पर्याप्त मात्रा में होता हैं। करौंदा एक बहुत ही स्वास्थ्यवर्धक फल हैं जिसका अचार, मुरब्बा, चटनी व जूस निकालकर उपयोग में लाया जाता हैं.

करौंदा के फायदे – Cranberry Benefits in Hindi

करौंदे का फल औषधीय गुणों से भरपूर होता हैं, जिसमें साइट्रिक एसिड एवं विटामिन C भरपूर मात्रा में पाया जाता है. इसमें बहुत सारी सामान्य बीमारियों को दूर करने की क्षमता होती हैं. इसका फल ही नहीं बल्कि करौंदा की पत्तिया, छाल व करौंदे का जूस भी प्रयोग में लाया जाता हैं. इसे “Super Food” के नाम से भी जाना जाता है. इसका उपयोग भूख बढ़ाने, मूत्र पथ में संक्रमण का खतरा, रक्तचाप की कमी, कैंसर की रोकथाम जैसी बीमारियों का उपचार करने में किया जाता हैं।

करौंदा मुंह व दांतो की बीमारियों को भगाए दूर- Cranberry use for Mouth and Teeth disease

करौंदा में पाया जाने वाला प्रोएंथोसायनिडिन इन्फेक्शन से तो बचाव करता ही हैं साथ ही यह तत्व मसूड़ों व मुख की समस्याओं को भी दूर करने में मदद करता हैं. इसके उपयोग चाहे आप चटनी के रूप में या करौंदा का जूस बनाकर पीते हैं तो आपके दांतो में सड़न नहीं होती हैं साथ ही मुंह से आने वाली दुर्गंध को भी रोकता हैं.

करौंदा कैंसर के इलाज में फायदेमंद- Cranberry use for Cancer disease

करौंदे में पोलीफिनोल नामक कम्पाउण्ड पाया जाता हैं जो ट्यूमर के बढ़ने को रोकने में मदद करता हैं, साथ ही इसका नियमित सेवन करने से स्तन कैंसर, ओवेरियन कैंसर, लिवर कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर को फैलने से रोकने में फायदा करता हैं।

करौंदा का उपयोग यूरिन इन्फेक्शन के लिए- Cranberry use for Urine infection

करौंदा का उपयोग यूरिन इन्फेक्शन (मूत्र मार्ग संक्रमण) को रोकने में बहुत फायदेमंद होता है. इसमें पाया जाने वाला प्रोएथोकेनिडिन यूरिन मार्ग की में बैक्टीरिया को कम करता हैं. तो इस प्रकार करौंदा व उसके जूस का सेवन यूरिन इन्फेक्शन के लिए भी फायदेमंद होता हैं.

करौंदा का उपयोग हृदय को स्वस्थ रखने के लिए- Cranberry use for Heart disease

करौंदा का सेवन दिल के रोंगो से बचाने में भी मदद करता हैं. यह कोलेस्ट्राल के स्तर को कम कर हृदय से जुड़े रोगों से बचाव करता हैं. करौंदे का जूस (cranberry juice benefits in hindi) का सेवन हृदय सम्बन्धी बीमारियों का खतरा 10 फीसदी तक कम करता हैं.

करौंदा का उपयोग त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए- Cranberry use for Skin Problems

करौंदा का उपयोग त्वचा को पोषक तत्व प्रदान करने में सहायता करता हैं जिससे त्वचा कोमल हो जाती है. इसके लिए आपको दो चम्मच ड्राई करौंदा, एक चौथाई कप शहद व एक चौथाई चम्मच क्रैनबेरी तेल को मिलाकर उसका मित्रण बना लेना हैं और करीब 10 मिनट के बाद त्वचा पर लगा लेना हैं. इसके बाद इसे अच्छे से धो लें. आपकी त्वचा में निखार आएगा.

करौंदा से होने वाले नुकसान-  Karonda Ke Nuksan Hindi Me

करौंदा का अधिक सेवन दांतो की इनेमल की नुकसान पहुंचता हैं।

करौंदा लेने की सुरक्षा के बारे में पर्याप्त विश्वसनीय जानकारी नहीं हैं तो गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएं इसका सेवन करने से वचें।

करौंदा में सिलिसीलिक एसिड की पर्याप्त मात्रा होती हैं जो एस्परीन के समान होती हैं. यदि आपको इससे एलर्जी हैं तो करौंदा के रस का सेवन करने से बचें।

यदि आप हृदय रोग से सम्बन्धित दवाईंया लेते हैं तो करौंदे का सेवन करने से बचें. क्योंकि यह आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता हैं।

आपको करौंदा के बारे में दी गयी जानकारी_ cranberry in hindi पसंद आयी होगी. यदि आपके पास करौंदा से सम्बन्धित कोई सुझाव या राय हो तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.

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Dry Fruits Namkeen for Vrat – Shivratri vrat Recipe – व्रत में वैसे तो फल आदि का सेवन कर सकते हैं लेकिन आज हम आपको ड्राई फ्रूट्स नमकीन व्रत के लिए बताने जा रहे है जिसमें प्रोटीन और फाइबर की भरपूर मात्रा होती जो व्रत रहने वाले व्यक्तियों के लिए बहुत फायदेमंद होती है। आइये जानते हैं कैसै बनाते है ड्राई फ्रूट्स नमकीन…

ड्राई फ्रूट्स नमकीन के लिए सामग्री –Ingredients for Fruit Namkeen
  • मखाने – 50 ग्राम
  • मूगफली के दाने – 1 कप
  • काजू – 20
  • बादाम – 20
  • किशमिश – 1/2 कप
  • सूखा नारियल – पतला-पतला कटा हुआ
  • घी/रिफाइंड – तलने के लिए
  • सेंधा नमक – ½ चम्मच
  • काली मिर्च – ¼ चम्मच
ड्राई फ्रूट्स नमकीन बनाने की विधि- How To Make  dry fruits namkeen Recipe in hindi

सबसे पहले मखाने को एक अलग वर्तन में निकाल लें और कढ़ाही में घी/ रिफाइंड तेल डालकर गर्म कीजिए। जब घी गरम हो जाये तो उसमें थोड़े-थोड़े मखाने डालकर चम्मच से उलट-पलटकर गोल्डन होने तक फ्राई करें। उसके बाद उन्हे निकाल लें।

अब मूंगफली के दाने लेकर उन्हे भी हल्का ब्राउन होने तक तलकर निकाल लें। इसी प्रकार गरी के पतले टुकड़ों को भी घी में तलकर निकाल लें।

अब काजू , बादाम, किशमिश को भी अलग-अलग धीमी आंच पर हल्का भून कर एक बर्तन में निकाल लीजिए।

अब सभी भुने हुए ड्राई फ्रूट्स को एक बर्तन में मिला लें और उसमें ऊपर से सेंधा नमक और काली मिर्च का पाउडर बुरक कर मिला लीजिए।

लीजिए व्रत के लिए स्वादिष्ट और हेल्दी ड्राई फ्रूट्स नमकीन तैयार है इसे चाहे तो व्रत में चाय के साथ सर्व कर सकते है। यदि आप नवरात्रि का व्रत रहते है तो इस नमकीन को बनाकर एक एयर टाईट कंटेनर में भरकर रख लें जिससे वह मुलायम नही पड़ेगे।

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Top 10 Tips For Hair Fall Treatment – महिलाएं हो चाहे पुरूष अपने सिर के बाल सभी को बहुत प्यारे होते हैं लेकिन आज के बदलते परिवेश में बाल झड़ने की समस्या से सभी ग्रसित हैं। इसका सबसे बड़ा कारण हमारा बदलता हुआ लाइफस्टाइल और खान-पान है। आज के समय में बालों में कई प्रकार की समस्यायें जन्म ले रही हैं। किसी प्रकार का संक्रमण, तेज रसायन युक्त साबुन का यूज, भिन्न-भिन्न प्रकार के अप्रमाणिक शैंम्पू लगाने से अनेक रोग उभर जाते हैं। जिनसे बालों के कई रोग उत्पन्न हो जाते हैं। आज हम आपको बालों का झड़ना रोकने के घरेलू उपाय बताने जा रहे है, जिनका रेग्युलर उपयोग करके झड़ते हुए बालों की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।

Read More- वेदाग रंगत पाने के लिए अपनाएं यह आसान तरीके

बाल झड़ने की समस्या से बचने के 10 घरेलू उपाय । Top 10 Tips For Hair Fall Treatment

1-गिलोय नीम चढ़ी हुई और आंवले का रस प्रतिदिन 4-4 चम्मच की मात्रा में पीने से बालों के समस्त रोग समाप्त हो जाते हैं।

2-उड़द की दाल करीब 250 ग्राम उबालकर उसे सिर पर रगड़-रगड़कर मलें। ऐसा नियमित करने से कुछ समय के उपरांत बाद झड़ना बन्द हो जायेंगे साथ ही नये बाल आना भी शुरू हो जायेंगे।

3-एक नीबू के रस में बड़ की जटा पीसकर बाल धोने से एवं उसके बाद नारियल का तेल लगाने से बालों का झड़ना कम हो जाता है।

4-बकरी का ताजा दूध करीब 4 चम्म, शहद 4 चम्मच व 4 अंडों की जर्दी को गरम किये हुए तेल के साथ समान मात्रा में मिलाकर बालों की जड़ों में लगायें और कुछ समय बाद उसे अच्छी क्वालिटी के साबुन या शैम्पू से साफ कर लें। इससे के रेग्युलर यूज से बाल झड़ना रूक जायेगा।

5-यदि आपके बाल लगातार झड़ रहे हों तो सबसे पहले सिर को उस्तरे से मुड़वा(गंजा) लें। अब रोज उलटे तवे की कलौंच या कालिख को सरसों के तेल में मिलाकर सिर पर मलें। इसका रेग्युलर उपयोग सप्ताह भर करें सिर के बाल झड़ना बंद हो जायेंगे।

6- 2 भाग नीबू के रस में एक भाग शहद मिलाकर सिर पर अच्छी तरह मलें। ऐसा नियमित करने से सिर के बाल झड़ना बंद हो जायेगा।

7-प्याज का रस और शहद दोनों बराबर मात्रा में मिलाकर सिर में रात को लगायें और सो जायें व सुबह उसे धो डालें। ऐसा कुछ समय तक नियमित करें। इससे आपके बाल झड़ना बिल्कुल बंद हो जायेंगे। यह बहुत ही कारगर नुख्सा है।

8-बालों में आंवले का तेल रेग्युलर लगाने से बालों का झड़ना समाप्त हो जाता है।

9-एक तांबे की कटोरी में दही डालकर उसमें तांबे के 3-4 डुकड़े डाल दें। करीब 3-4 दिन के बाद उन टुकड़ो से ही दही को घिसें। इससे दही का रंग हरा हो जायेगा। इसे सिर पर मलें और करीब 1 घंटे के बाद रीठे के पानी से सिर को धोयें। यह लगातार 15-20 दिनों तक करने से अच्छे परिणाम मिलेंगे।

10-नीलकमल की जड़, मुलहठी और किशमिश को घी या तेल या दूध में महीन पीसकर बालों पर लगाने से बाल झड़ना बंद हो जाते है।

दोस्तो उम्मीद है कि बाल झड़ने के सम्बन्ध में हमारे द्वारा दी गयी जानकारी का आप सही तरीके से इस्तेमाल कर अपने बालों को झड़ने से बचा सकते हैं। यदि इनसे भी बाल झड़ने की समस्या में आराम नहीं मिलता है तो अपने फैमिली डाक्टर से जरूर सलाह लें। धन्यबाद।

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Tags : बालों को झड़ने से रोकने के उपाय, बालों का झड़ना, Hair Fall tips in hindi, hair fall treatment in hindi, hair fall, home remedies for hair fall, home remedies

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Home remedies for fair skin and glowing skin Fast in Hindi – हर कोई अपनी त्वचा में निखार देखना चाहता हैं और वह चाहता है कि हम सबसे खूबसूरत दिखें और हमारी त्वचा बेदाग रहे। वर्तमान में देखा जाये तो मार्केट में बहुत सारे ब्यूटी प्रोडक्ट उपलब्ध हैं जो दावा करते हैं कि वह आपकी त्वचा को कुछ ही दिनों में गोरा व बेदाग कर देंगे। यहां कुछ लोग उन पर भरोसा करके अपनी जेब ढ़ीली कर देते है लेकिन रिजल्ट जीरो रहता हैं। वहीं कुछ लोग इन बाजारू बस्तुओं पर अपना पैसा खर्च न करके उसकी जगह घरेलू चीजें अपनाना पसंद करते हैं।

देखा जाये तो जो घरेलू उपचार रहते हैं उनपर आपको ज्यादा पैसा खर्च नहीं करना पड़ता हैं साथ ही इनका साइड इफेक्ट भी नहीं होता हैं। लेकिन यहां एक बात जरूर है कि आपको थोड़ी मेहनत करनी पड़ेगी और अपने चेहरे व त्वचा का ख्याल रखना पड़ेगा।

 यदि गोरी रंगत पाना चाहते हैं तो आज़माएं ये असरदार उपाय, यकीन मानिए कुछ ही दिनों के अंदर आपकी त्वचा निखर जायेगी। तो आइये जानते हैं चेहरे पर चमक लाने व साफ त्वचा रखने के उपायों के बारे में-

Home remedies for fair skin and glowing skin Fast in Hindi । पायें बेदाग रंगत कुछ ही दिनों में

1.यदि आप संतरे के छिलकों के पाउडर को दही में मिलाकर एक सप्ताह में दो बार चहरे पर लगाते हैं तो आपकी त्वचा में निखार आयेगा.

2.आप 2 टेबलस्पून संतरे के ताज़े रस में चुटकीभर हल्दी पाउडर मिलाकर प्रत्येक रात को सोने से पहले चेहरे पर लगायें और सुबह ठंडे पानी से चेहरा धो लें, आपको फायदा मिलेगा।

3.आप बादाम लें और उसे पीसकर पाउडर बना लें, अब इसमें दूध मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें और इसे चेहरे पर लगाएं, यह आपकी त्वचा के लिए डेली डाइट हैं जो आपकी त्वचा को निखारती भी है।

4.शहद, नीबू का रस और मिल्क पाउडर या दूध 1-1 टीस्पून मिलाकर चेहरे पर लगायें, स्किन फेयर होगी.

5.एक पैन में पानी उबालें और एक बाउल में आल्मंड आयल लेकर उबलते पानी वाले पैन में रखकर आल्मंड आयल को गर्म करें. इसे ठंडा होने दे इसके 15 मिनट तक चेहरे पर मसाज करें.

6.1-1 टीस्पून नीबू का रस व शहद को मिलाकर चेहरे पर करीब 20 मिनट तक लगाकर रखें इसके बाद ठंडे पानी से वाश कर लें।

7.चेहरे को धुलकर तौलिये से साफ कर लें, अब आपको प्योर कोकोनट आयल में काटन बाल्स डुबोकर चेहरे पर लगाना हैं, इसे लगाने का बाद आपको फेसवास करने की जरूरत नहीं है.

8.ताजा नारियल का पानी चेहरे पर लगायें, इससे त्वचा मे ग्लो आयेगा साथ ही दाग-धब्बों से भी छुटकारा मिलेगा।

9.1-1 टीस्पून धरी धनिया व टमाटर के रस में नीबू का रस और मुल्तानी मिट्टी मिलाकर पैक बना लें. इसे चेहरे पर लगायें.

10.मेथी की पत्तियों का पेस्ट बना लें यह आपकी त्वचा को निखारता तो है ही साथ ही पिंपल्स से भी छुटकारा दिलाता है।

11.टमाटर लें और उसकी स्लाइसेस काटकर चेहरे पर रब करें. दोड़ी देर चेहरे पर रहने दें इसके बाद धो लें.

12.एक चम्मच आलिव आयल में आधा चम्मच नींबू का रस मिलकार चेहरे पर लगायें इसके 15 मिनट बाद चेहरे को धो लें।

13.चेहरे पर दही लगाने से भी निखार आता हैं।

14.चेहरे पर एलोवेरा जेल लगायें।

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कितने लोगों के लिए- 5-6

पनीर पुलाव बनाने के लिए सामग्री-Ingredients For Paneer Pulao Recipe
  • बासमती चावल – 1 ½ कप
  • पनीर – 250 ग्राम(चौकोर कटे हुए)
  • टमाटर – 1 (कटा)
  • छोटी इलायची – 2
  • लोंग – 2-3
  • दाल चीनी -1 टुकड़ा
  • तेज पत्ता – 2-3
  • करी पत्ता – 5-6
  • प्याज – 1 (लच्छेनुमा कटा हुआ)
  • काली मिर्च – 6-7
  • नमक – स्वादानुसार/ 1 छोटी चम्मच
  • हरा धनिया – 2 बड़ी चम्मच बारीक कटा हुआ
  • जीरा – 1 चम्मच
  • तेल -2 बड़े चम्मच
  • घी – तलने के लिए

इसे भी पढ़ें- पालक पनीर बिरयानी बनाने की विधि

पनीर पुलाव बनाने की विधि-How To Make Paneer Pulao Recipe

सबसे पहले चावल को अच्छी तरह धोकर करीब 25 मिनट तक भिगोकर रख दें। अब घी गर्म करके पनीर के चौकोर टुकड़ों को सुनहरा होने तक तलें और एक तरफ रख दें।

एक पैन में तेल गर्म करके इलायची, लौंग, दालचीनी, तेज पत्ते, जीरा और काली मिर्च को डाल कर करीब 25-30 सेंकेड फ्राई करें अब उसी में प्याज डालें और सुनहरी फ्राई होने पर टमाटर, करी पत्ते, नमक व हरा धनिया डाल कर करीब 2 मिनट तक फ्राई होने के बाद उसमें चावल व पनीर के टुकड़े डालें।

इन्हे चलाते हुए करीब 2-3 मिनट तक पकाएं अब इसमें करीब 2-3 कप पानी डालें। इसमें एक उबाल आने पर आंच धीमी कर दें और ढक्कन से ढक्कर करीब 20 मिनट तक पकाएं।

अब इसे एक प्लेट में निकालकर हरी धनिया के पत्तों से गार्निश कर दें लीजिए पनीर पुलाव तैयार है। इसे अपने परिवार के साथ गरमा-गरम सर्व करें।

नोट- उम्मीद है आपको Paneer Pulao Recipe in Hindi पसंद आयी होगी. यदि आपको पनीर पुलाव रेसिपी बनाने की विधि पसंद अायी हो तो  अपने Facebook दोस्तों के साथ जरूर शेयर करेंं. इसके साथ ही हमे कमेंट करके भी सुझाव दे सकते हैं.

इसे भी पढ़ेंनवरत्न मेवा पुलाव बनाने की विधि

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Irregular Periods Reasons and treatment in Hindi – महिलाओं के लिए एक सबसे बड़ी समस्या हो जाती है पीरियड्स का सही समय से न आना। यदि इस प्रोब्लम को समय रहते न कंट्रोल किया गया तो इससे गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं। महिलाओं द्वारा ज्यादा तनाव में रहने, डाइटिंग करने, बर्थ कंट्रोल पिल लेने, यूटरस में गठान होने की वजह से पीरिटड्स मिस होते हैं। महिलओं में पीरियड्स मिस होने से कई बार कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हुई हैं।

अनियमित मासिक धर्म क्या है- What is Irregular Periods in hindi

मासिक धर्म यदि प्रत्येक माह समान अंतराल ( नियमित चक्र की अवधि 21 से 35 दिनों तक हो सकती है) का होता हैं तो यह नियमित माना जाता हैं, और यदि किसी महीने आपका मासिक धर्म नियमित अवधि के अंतराल पर नहीं आता हैं तो इसे अनियमित माना जाता हैं। वैसे देखा जाये तो यह सामान्य प्रक्रिया है कभी-कभी एक या दो बार मासिक धर्म में अनियमितता हो जाने पर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। लेकिन यदि यह लगातार अनियमित रहता हैं तो आपको चिंता करने की जरूरत हैं। क्योंकि अनियमित मासिक धर्म से और कई बीमारियां घर कर लेती हैं।

अनियमित मासिक धर्म के कारण – Reasons of Irregular Periods In hindi

सामान्यतः अनियमित मासिक धर्म को दो प्रमुख कारण हैं जिनमें से पहला ओवरी सिस्ट (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम PCOS) जो अनियमित मासिक धर्म का प्रमुख कारण हैं. मासिक धर्म के दूसरे कारण बाहरी होते हैं जो इस प्रकार है-

अत्यधिक व्यायाम आदि करना, बजन का ज्यादा बढ़ना या घटना, तनावग्रस्त रहना, हार्मोनल गर्भनिरोधक का असर, गर्भवती होना आदि।

अनियमित मासिक धर्म के घरेलू उपचार – Home Remedies for Irregular Periods in Hindi

10 ऐसे फूड के बारे में जानकारी देनें जा हरे हैं जो पीरियड्स मिस होने की प्रॉब्लम से बचाते हैं।

1-अदरक –अदरक की तासीर गर्म होती है जिस कारण मेटाबॉलिज्म तेज होता है। इससे पीरिएड्स रेग्यूलर होते हैं।

2-अलसी –  इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड्स, लिग्नेंस होते है। इससे भी पीरियड्स समय से होते हैं।

3-पपीता–  इसमें मौजूद पपाइन एस्ट्रोजन हॉर्मोन का लेवल बढ़ाते हैं। इससे पीरियड्स नार्मल होते हैं।

4-दालचीनी – इसमें Hydroxychalcone होते हैं जिससे पीरियड्स डिले नहीं होते हैं।

5-अजवाइन – इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो बढ़ाते हैं। इससे पीरियड्स रेग्यूलर होते हैं।

6-पाइन एप्पल – पाइन एप्पल में मैग्नीशियम होता है जिससे यूटेरस में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। इससे भी पीरियड्ल टाइम टू टाइम होते हैं।

7-हल्दी – हल्दी में करक्यूमिन की मात्रा ज्यादा होती है। जिस कारण यह ब्लड फ्लो नार्मल रखता है और पीरियड्स भी रेग्यूलर होते हैं।

8-काले तिल- इसीक तासीर गर्म होती है। जो पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो बढ़ाने में मदद करता है जिस कारण पीरियड्स समय से होते हैं।

9-कद्दू के बीज – इसमें मौजूद जिंक, सेलेनियम टेस्टेस्टेरॉन हार्मोन का लेवल बढ़ाते हैं जिस कारण पीरियड्स मिस नहीं होते हैं।

10-फिश- इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड्स होते हैं जिससे एस्ट्रोजन हॉर्मोन का लेवल बैलेंस रहता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन इम्प्रूब होता है जिससे पीरियड्स मिस नहीं होते हैं।

नोट- मुझे उम्मीद है कि आपको irregular periods Reasons and treatment in Hindi के बारे में दी गयी जानकारी पसंद आयी होगी। यदि Period lane ke gharelu nuskhe in hindi के बारे में दी गयी जानकारी पसंद आयी हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ Facebook पर जरूर शेयर करें

The post अनियमित मासिक धर्मम के कारण और उपचार…. appeared first on Food and Healths.

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Home Remedies For Prickly Heat – घमौरियां जिन्हे अंग्रेजी में Prikly Heat कहा जाता है। गर्मियों के मौसम अक्सर लोगों को हो जाती हैं। गर्मियों में शरीर में पसीना ज्यादा निकलता हैं यदि उसे साफ न किया जाते तो वह त्वचा पर ही सूख जाता हैं जिस कारण पसीने की ग्रंथियां बंद हो जाती हैं, जिसका परिणाम होता है कि घमौरी होनां प्रारम्भ हो जाती हैं।

घमौरी को वैज्ञानिक भाषा में मिलिएरिया रूब्रा भी कहा जाता हैं। यह एक चर्म रोग हैम जो गर्मी और बरसात के मौसम में लोगों के ज्यादा देखने को मिलता है। घमौरी की पहचान शरीर पर होने वाली छोटी व लाल फुंसिया और दाने है जिमनें खुजली होती रहती है। इनके होनी की एक वजह पेट में कब्ज होना भी है। यह ज्यादातर पीठ, छाती, बगल, हांथ व पाव में ज्याद होती हैं। वैसे तो घमौरी सभी को होती हैं लेकिन बच्चों को कुछ ज्यादा होती हैं। इसलिए उनका गर्मियों में ख्याल रखना बहुत जरूरी होता है। आइये जानते हैं घमौरियों से राहत के लिए घरेलू नुस्ख़े ( Home Remedies For Prickly Heat) के बारे में-

इसे भी पढ़ेपीलिया के लक्षण, कारण व उपाय

घमौरियों के लक्षण – Prickly Heat ( Ghamoriyan) Syptoms

जिस व्यक्ति के घमौरियां हो जाती हैं उसके यह लक्षण दिखाईं देंगे-

  • शरीर में खुज़ली होती है।
  • शरीर पर लाल- गुलाबी, छोटे-छोटे दाने दिखाईं देंगे।
  • शरीर में जलन, कांटे जैसी चुभन महसूस होगी।
  • पसीना अधिक आना।
  • कपड़े चुभना।
  • थकावट महसूस करना।
घमौरियां का उपचार- Prickly Heat Treatment in Hindi

घमौरियों से बचने का सबसे उत्तम तरीका है कि गर्मी से बचें। इसके साथ ही कुछ अन्य उपाय भी हैं जि निम्न प्रकार हैं-

  • पानी का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें।
  • बाहर से आने के कुछ समय बाद ही स्नान करें।
  • रोजाना सुबह के समय नीम की 4-5 पत्तियां चबाएं।
  • मसालेदार भोजन का सेवन करने से परहेज करें। सादा भोजन ही करें।
  • सिंथेटिक फैब्रिक से बने वस्त्रों को ही धारण करें।
  • सूती और ढीले कपड़ों को पहने।
  • शरीर में हवा लगने दें।
  • शरीर पर मुल्तानी मिट्टी का लेप करें।
  • घमौरियां होने पर नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर इस पानी से नहायें।
  • नारियल के तेल में कपूर मिलाकर पूरे शरीर में लगाकर मालिश करें।
  • कैलामाइन लोशन का उपयोग करें।
  • जब शरीर गीला हो तो पाउडर( Talk)  न लगाएं।
घमौरियां से बचने के लिए घरेलू नुस्खे- Home Remedies for Prickley Heat in Hindi

ओटमील (Oatmeal )

 घमौरियों से राहत पाने का सबसे पहला नुस्खा है ओटमील। इससे घमौरियों में होने वाली जलन ( Inflammation ), चुभन और खुज़ली (itching) से आराम मिलता है। इसके लिए एक टब ठंडे पानी में ओटमील को मिला लें और जब पानी दूधिया हो जाये  तब इसमें करीब 30 मिनट तक बैठे रहें। इसे रोज़ाना दिन में दो बार करें।

बर्फ से सिकाई

घमौरियों में यदि ठंडी सिकाई की जाये तो तेजी से आराम मिलता है। इसके लिए एक कपड़े में बर्फ रख कर घमौरियों वाली जगह करीब 10 मिनट तक सिकाई करें। यह प्रक्रिया 4-5 घंटे में एक बार जरू करें इससे घमौरियो में राहत मिलेगी।

चंदन पाउडर ( SandalWood Powder )

चंदन का पाउडर भी घमौरियों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। इसके लिए चंदन के पाउडर में पानी को मिलाकर लेप तैयार कर लें। इस लेप को घमौरियों पर लगाएं। इसके अलावा पाउडर को ऊपर से छिड़क कर भी यूज कर सकते हैं।

मुल्तानी मिट्टी ( Fuller’s Earth )

मुल्तानी मिट्टी भी घमौरियों के लिए बहुत ही लाभदायक होती है। इसके लिए करीब 5 चम्मच मुल्तानी मिट्टी में गुलाब जल मिलाकर लेप तैयार कर लें, अब इस लेप को घमौरियों पर लगायें ऐसा प्रतिदिन एक बार जरूर करें। तेजी से आराम मिलेगा।

एलोवेरा ( Aloevera)

एलोवेरा के पत्तों का गूदा लें उसे घमौरियों वाली जगह करीब 20 मिनट लगाकर रखें इसके उपरांत उसे धो लें। ऐसा प्रतिदिन दो बार जरूर करें घमौरियां ठीक हो जायेंगी।

बेसन ( Gram Flour)

बेसन का लेप भी घमौरियों में बहुत आराम देता है। इसके लिए थोड़ा बेसन लें उसमें कुछ पानी मिलाकर लेप बना लें और इस लेप को प्रभावित जगह 10 से 15 मिनट तक लगाकर रखें। बेसन शरीर का तेल सोख लेता हैं जिससे घमौरियों के दाने जल्दी सूख जाते हैं। इस उपाय को प्रत्येक दिन एक बार करीब एक सप्ताह तक करें। घमौरियां ठीक हो जायेंगी।

खीरा- (CuCumber)

खीरा ठंडा होता हैं जिससे घमौरियों में राहत मिलता है। इसके लिए खीरे के पतले-पतले टुकड़े काटकर नींबू मिले ठंडे पानी में कुछ देर तक भिगोकर रखें। इसके बाद खीरा के टुकड़ों को घमौरियों वाले स्थान पर कुछ समय तक रखें। इससे घमौरियां तेजी से ठीक होती हैं साथ ही खुजली और जलन में भी राहत मिलती है।

नोट- उम्मीद है आपको Home Remedies For Prickly Heat in Hindi के बारे में दी गयी जानकारी पसंद आयी होगी । इन घमौरियों से राहत के लिए घरेलू नुस्ख़े अपने दोस्तों के साथ Facebook आदि सोशल साइट पर शेयर करना नहीं भूलें।

इसे भी पढ़ें- क्या आपका भी पेट फूलता हैं तो लें यह डाइट

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Piliya treatment in hindi – पीलिया(jaundice) एक ऐसी बीमारी है जो दुनिया भर में हर देश में लोगों को होती है। पीलिया में यदि शुरूआती दिनों में ध्यान नहीं दिया गया तो यह गंभीर रूप ले लेती है जिससे रोगी को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। आज हम आपको साथ शेयर करने जा रहे है कि पीलिया क्या होता है और यह कैसे फैलता है इसे कैसे ठीक करें आदि उपायों के बारे में–

पीलिया क्या होता है-What is jaundice

पीलिया एक ऐसा रोग होता है जिसमें रोगी के शरीर का रंग पीला पड़ जाता है, यह बीमारी हमारे खून में पाये जाने वाले पदार्थ बिलीरूबिन(Bilirubin) के कारण होता है। वैसे तो लीवर इस पदार्थ को Process कर देता है, लेकिन कभी-कभी बिलीरूबिन की मात्रा बहुत अधिक बढ़ जाती है जिस कारण लीवर काम करना बंद कर देता है जिससे बिलीरूबिन पदार्थ लिवर से निकलकर व्यक्ति के पूरे शरीर में फैल जाता है। बिलीरूबिन बढ़ जाने के कारण व्यक्ति की रेड ब्लड सेल्स खत्म होने लगते हैं जिस कारण शरीर में खून की कमी होने लगती है। इन परिस्थितियों में व्यक्ति की त्वचा और आँखों में पीलापन आ जाता है. जिसे हम पीलिया या jaundice के कहते हैं।

पीलिया कैसे होता है? How is jaundice?

पीलिया होने की मुख्य वजह लिवर(Liver) का कमजोर होना है या यों कहें कि जिस व्यक्ति का लिवर कमजोर होता है उसे पीलिया आसानी से हो जाता है। यही कारण है कि नवजात बच्चों में पीलिया ज्यादा होता है।

इसके साथ ही बाजारू स्ट्रीट फूड का ज्यादा सेवन भी एक कारण है। ऐसा हम इसलिए कह रहे है कि आप ने देखा होगा बाजारों में होटलों पर या रोड पर तमाम प्रकार की खाने की वस्तुएं खुले में रखीं होती है जिन पर घरेलू मक्खियां आदि बैठ जाती है इसके साथ ही धूल-मिट्टी आदि लगती रहती है। इन्ही वस्तुओं को जब हम खा लेते हैं तो यह सब गंदगी हमारे शरीर में चली जाती है जिस कारण लीवर में कमजोरी आ जाती है।

इसके साथ ही अन्य कारण यह भी है

  • अत्यधिक शराब का सेवन करने से
  • मसालेदार भोजन करने से
  • गंदे पानी के प्रयोग से
  • वायरल इन्फेक्शन से
  • शरीर में खून की कमी होने कारण
  • ऐसी चीजों का सेवन करने से जिनके कारण लिवर कमजोर होता है
पीलिया कितने प्रकार का होता है- jaundice types in hindi

इस बीमारी को हम पीलिया(jaundice) नाम से जानते हैं, इसके साथ ही इसके अन्य प्रकार काला पीलिया, सफ़ेद पीलिया, Hepatits A, Hepatits B, Hepatits C भी हैं।

पीलिया के लक्षण- पीलिया की पहचान कैसे करें? (Symptoms of Jaundice – How To Identify Jaundice)

पीलिया के लक्षणों के वारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है क्योंकि अक्सर लोगों को उसके शुरूआती लक्षणों का जानकारी न होने के कारण जब बीमारी गंभीर रूप ले लेती है तब पता चलता है जिससे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। तो आइये जान लेते हैं पीलिया के लक्षणों के बारे में-

त्वचा का और आँखों का पीला होना व पेशाब पीला आना पीलिया के मुख्य लक्षण है।

इसके अलावा अन्य कारण जैसे- थकान, सिर दर्द, बुखार, भूख न लगना, जी मिचलाना, उल्टी आना, पेट में दर्द होना, त्वचा में खुज़ली होना एवं मल का पीला होने पर भी हम इसको पहचान सकते हैं।

पीलिया फैलने का कारण – jaundice causes

पीलिया को हम छुआ-छूत वाला रोग भी कह सकते हैं, क्योंकि इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति का जूठा पानी या भोजन यदि कोई Normal व्यक्ति खा लेता है तो यह बीमारी उसे भी हो सकता है। तो यहां यह बात बहुत ध्यान देने की जरूरत है कि पीड़ित व्यक्ति का झूठा खाना पानी यहां तक कि बिस्तर को भी शेयर न करें।

इसके अलावा पीड़ित व्यक्ति को भी ऊपर बताई गई सावधानियों पर ध्यान देना चाहिए यदि वह इन खराब आदतों में बदलाव नहीं करता है तो भविष्य में दुवारा पीलिया होने की संभावनाएं बनी रहती है।

पीलिया को ठीक करने के उपाय व नुस्खे- Piliya treatment in hindi

पीलिया में यह घरेलू उपाय या नुख्से फायदेमंद होते हैं इसके साथ ही आप एक वार डॉक्टर से जरूर सलाह लें।

नीबू-पीलिया में नीबू के रस का सेवन बहुत ही लाभदायक माना जाता है इसके सेवन से बिलीरूबिन के साथ अन्य हानिकारक अपशिष्ट पदार्थ नष्ट हो जाते है इसके साथ ही यह लिवर को भी खराब होने से बचाता है।

आधा नीबू लें उसका रस एक गिलास पानी में मिक्स करके दिन में 2-3 बार इसका सेवन लगभग 15-20 दिन तक करें आपको अवश्य आराम मिलेगा।

संतरे का रस- संतरा पीलिया मे बहुत ही लाभकारी होता है। संतरे के जूस से बिलीरूबिन पदार्थ एवं अन्य पीलिया के वायरस नष्ट होते है।

पीड़ित व्यक्ति को संतरे का रस दिन में 2-3 वार करना चाहिए हो सकते तो अन्य खाना नहीं खायें केवल रस का ही सेवन करें. यदि खाली पेट नहीं रह सकते तो सुबह खाली पेट रस का सेवन करें आराम मिलेगा।

बादाम – बादाम पीलिया में रामवाण की तरह काम करता है। इसके सेवन से 3-4 दिन में पीलिया Recover हो जाता है।

इसके लिए आपको 7 बादाम गिरी, 3 खजूर या छुआरे और 4 इलायची लें और इन्हे मिट्टी के कुल्हण में रात में भीगने रख दें. सुबह इनके छिलके निकालकर अच्छी तरह से पीस लें. तैयार पेस्ट में थेड़ा मक्खन व चीनी मिलाकर खायें. इससे तीन दिन के अन्दर ही आपको महसूश हो जायेगा कि पीलिया में आराम मिल गया है।

गन्ने का रस-  गन्ने का रस पीलिया के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है. गन्ने का रस पाचन क्रिया को दुरूस्त करता है साथ ही लिवर को भी सही तरीके से कार्य करने में सहायता करता है।

एक गिलास गन्ने के रस में आधा नीम्बू नीचोड़ कर मिक्स कर लें. इसका सेवन प्रतिदिन 3-4 बार 10-15 दिनों तक करें आपको आराम मिल जायेगा।

इसके अलावा दूसरा तरीका जौ का सत्तू लें उसको खाकर उसके ऊपर से गन्ने का रस पिएं ऐसा रोजाना एक सप्ताह तक करें. यह पीलिया का अचूक उपाय है. आराम मिलेगा।

नारियल पानी का सेवन- नारियल पानी का सेवन भी पीलिया में लाभकारी होता है। एक-एक नारियल पानी का सेवन रोजाना 3-4 बार करीब 4-5 दिनों तक करें इससे पीलिया में बहुत ही जल्दी आराम मिलेगा।

टमाटर के रस का सेवन- पीलिया से पीड़ित व्यक्ति के खून में बिलीरूबिन फैल जाने के कारण खून की कमी हो जाती है, शरीर का खून पानी में तब्दील हो जाता है. ऐसे में टमाटर का सेवन करने से खून की कमी दूर होने के साथ पाचन क्रिया भी सुधरती है. इसलिए टमाटर के एक गिलास रस में एक चुटकी नमक एवं काली मिर्च को मिलाकर सुबह खाली पेट पीने से आराम मिलेगा।

मूली की पत्तियों का सेवन- पीलिया में मूली के रस या मूली का सेवन बहुत ही लाभदायक है. मूली खून को साफ करती है इसके साथ ही खून में मौजूद बिलीरूबिन जैसे हानिकारक पदार्थों को नष्ट करती है.

प्रत्येक दिन ताजा मूली की पत्तियों का एक गिलास रस निकालकर प्रत्येक दिन 2-3 बार करीब 10 दिनों तक सेवन करें आराम मिलेगा।

अरंड के पत्तों का रस- अरंड के रस का सेवन पीलिया में बहुत ही लाभकारी होता है. अरंड के पत्तो का 3-4 चम्मच रस निकाल कर सुबह खाली पेट पीना है. इससे पीलिया जरूर दूर हो जायेगा।

पीलिया में खानपान व परहेज-Cure & Prevention in Jaundice
  • पीलिया से पीड़ित व्यक्ति को ज्यादा से ज्यादा ताजा फलों के रस का सेवन करना चाहिए।
  • ताजा हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन ज्यादा से ज्यादा करें।
  • पीलिया में हल्का व ताजा खाना खाएं।
  • पीलिया में हरी सब्जियों में कच्ची मूली, लौकी, करेला, प्याज, पुदीना, फूल गोभी, पालक, धनिया, धनिये का बीज, मेथी, परवल, गाजर, लहसुन, तुलसीअंकुरित चने, चुकंदर, पत्ता गोभी खाना चाहिए ।
  • पीलिया में हमेशा उबला, छना, क्लोरीन या वाटर प्योरीफायर से साफ़ किया हुआ पानी ही पिएं। पीलिया में ज्यादा-से-ज्यादा पानी पीएं। पर यह पानी साफ होना जरूरी है।
पीलिया में इन चीजों की परहेज जरूर करना चाहिए-These things should be avoided in jaundice
  • पीलिया में तला-भुना, मिर्च-मसालेदार भोजन न खाएं।
  • शराब का सेवन न करें।
  • घी का सेवन नहीं करें।
  • ज्यादा काम करने से बचें।
  • धूप में न निकलें।

उम्मीद है आपको jaundice treatment in ayurveda in hindi के बारे में दी गयी जानकारी पसंद आयी होगी. आप Piliya treatment in hindi को अपने दोस्तो के साथ Facebook पर जरूर शेयर करें।

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Indian food for gastric patients in Hindi- पेट में गैस बनना या असिडिटी होना एक बहुत ही बड़ी परेशानी होती हैं। पेट फूलने के कारण आप अपने आप को असहज महशूस करते हैं जिस कारण आपका काम में भी ध्यान नहीं लग पाता हैं। इसके साथ ही आप खाने-पीने की वस्तुओं का भी आनन्द नहीं उठा पाते हैं।

यदि गौर किया जाये तो यह समस्या तली हुई या बाजारू चीजों के खाने के कारण ज्यादा होती हैं, हालांकि कुछ लोगों को बिना किसी कारण के भी प्रत्येक दिन इस समस्या का सामना करना पड़ता हैं। यदि आप अपने खान पान पर थोड़ा ध्यान दें तो इस समस्या से राहत पा सकते हैं। क्या आपको पेट फूलने की समस्या से बचने का घरेलू उपाय पता हैं?

अगर आपको भी यह समस्या रहती है, तो आपको इन चीजों को अपनी डायट में जरूर शामिल करना चाहिए। आपको खाने में तली हुई और ज्यादा मसाले वाली चीजों से परहेज करना चाहिए साथ ही फाइबर युक्त चीजों का सेवन ज्यादा से ज्यादा करना चाहिए। स्पेशलिस्ट के अनुसार पेट फूलने के समस्या से ग्रसित व्यक्तियों का डाइट कुछ ऐसी होनी चाहिए_ gastric patient diet chart in Hindi –

सुबह का नास्ता ( ब्रेकफास्ट) – सुबह के पहले नास्ते में आपको एक कप किशमिश और बादाम मिलाकर खाना चाहिए साथ ही एक कप गाय का दूध पिएं। इससे आपकी बॉडी को पर्याप्त मात्रा में फाइबर मिलेगा जिससे पाचन क्रिया सही होती हैं।

मिड-मोर्निंग स्नैक्स- इस वक्त आपको एक कप दही जिसका फैट कम हो साथ ही एक नाशपाती खा सकते हैं। इसके साथ ही हाईड्रेटेड रहने के लिए ताज़ा फलों का जूस पिएं।

लंच – लंच में आपको फाइबर से भरपूर चीजों को खाना चाहिए इससे पेट की गैस धीरे-दारे कम होती हैं साथ ही पेट भी हल्का होता हैं इसमें एक कप ब्राउन राइस, एक कप टोफू या कॉटेज चीज करी होनी चाहिए।

इवनिंग स्नैक्स– इस वक्त आपको करीब 20 ग्राम ड्राई रोस्टेड पीनट खाना चाहिए, इससे आपकी गैस बनना कम होगी साथ ही अपच और एसिडिटी से भी बचाव होगा।

डिनर- डिनर के वक्त आपको दो रोटी और करीब 85 ग्रोम ग्रिल्ड चिकन या दो कप हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए। यहां आपको सलाह दूंगा कि आप मीठी व नमकीन चीजों से दूर रहें, क्यों ये चीजें आपकी समस्या को और बढ़ा सकती हैं।

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