पीपल की पूजा के फायदे और पीपल पूजा के नियम
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पीपल की पूजा के फायदे और पीपल पूजा के नियम पीपल की पूजा के फायदे और पीपल पूजा के नियम में आज हम शुक्रवार को पीपल की पूजा करनी चाहिए या नहीं के साथ पीपल की पूजा सुबह कितने बजे करनी चाहिए? एकादशी के दिन पीपल की पूजा का महत्व तथा शनिवार को पीपल की पूजा कब करनी चाहिए के बारे में जानेंगे। शनिवार को पीपल की पूजा कब करनी चाहिए एक पौराणिक कथा के अनुसार लक्ष्मी और उसकी छोटी बहन दरिद्रा विष्णु के पास गई और प्रार्थना करने लगी कि हे प्रभो! हम कहां रहें? इस पर विष्णु भगवान ने दरिद्रा और लक्ष्मी को पीपल के वृक्ष पर रहने की अनुमति प्रदान कर दी। इस तरह वे दोनों पीपल के वृक्ष में रहने लगीं। विष्णु भगवान की ओर ..read more
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कुंडली में प्रेम विवाह योग तथा प्रेम विवाह होने के संकेत
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3w ago
प्रेम विवाह योग प्रेम हृदय की एक ऐसी  अनुभूति है जो हमें जन्म से ही ईश्वर की ओर से उपहार स्वरूप प्राप्त होती है। आगे चलकर यही प्रेम अपने वृहद स्वरूप में प्रकट होता है। प्रेम किसी के लिए भी प्रकट हो सकता है। वह ईश्वर, माता-पिता, गुरु, मित्र, किसी के लिए भी उत्पन्न हो सकता है। लेकिन आज के समाज में सिर्फ विपरीत लिंगी के लिए प्रकट अनुभूतियों को ही प्रेम समझा जाता है। सारा संसार जानता है कि मीरा का प्रेम कृष्ण के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रेम था। यूं तो ढेरों भक्त कवियों ने भी कृष्ण से अपने प्रेम का वर्णन किया है। जैसे- सुरदास इत्यादि। प्रेम विवाह योग हिन्दू एस्ट्रोलॉजी  ..read more
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महाशिवरात्रि की कथा, महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है 10 लाइन
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महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी को महा शिवरात्रि (महाशिवरात्रि की कथा) के नाम से जाना जाता है। इस दिन उपवास सहित विधि विधान से भगवान शिव की पूजा करने से नरक का योग मिटता है। ऐसी मान्यता है कि महाशिवरात्रि की रात ग्रहों की दशा कुछ ऐसी होती है जो हममें शारीरिक और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर देती है. लेकिन इसे पाने के लिए हमें रात भर जागना होता है वह भी साधनारत होकर. महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है – महाशिवरात्रि पर 10 लाइन अमावस्या से एक दिन पहले हर चंद्र महीने के 14वीं  ..read more
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जया एकादशी का महत्व, पूजन विधि और व्रत कथा
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3w ago
जया एकादशी – Jaya Ekadashi स्नान-दान और पुण्य प्रभाव के माह माघ मास की शुक्लपक्ष एकादशी को जया एकादशी (Jaya Ekadashi) कहा गया है। जया एकादशी के पुण्य के कारण मनुष्य सभी पापों से मुक्त होकर जीवन के हरेक क्षेत्र में विजयश्री प्राप्त करता है और मोक्ष का अधिकारी हो जाता है। भागवत पुराण में आया है कि जो मनुष्य समस्त भौतिक तथा सांसारिक सुख प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें जया एकादशी व्रत अवश्य करना चाहिए। सभी कामनाओं की पूर्ति के लिए की जाने वाली इस एकादशी की कथा का वर्णन ‘पद्मपुराण’ सहित कई प्राचीन आख्यानों में है। जया एकादशी का महत्व – Jaya Ekadashi Vrat ..read more
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बसंत पंचमी 2024 – Basant Panchmi 2024
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3w ago
बसंत पंचमी 2024 – Basant Panchmi 2024 Vasant Panchmi 2024 – बसंत पंचमी 2024 या वसंत पंचमी माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाई जाती है। इसी दिन से वसंत ऋतु का आरम्भ होता है। इस दिन सरस्वती पूजा भी की जाती है। बसंत पंचमी (Basant Panchmi Sarswati Puja) की पूजा सूर्योदय के बाद और दिन के मध्य भाग से पहले की जाती है। इस समय को पूर्वाह्न भी कहा जाता है। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, माघ मास शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का त्यौहार काफी धूमधाम से मनाया जाता है। 2024 में बसंत पंचमी कब है – basant panchami 2024 date इस साल यानि 2024 में बसंत पंचमी 14 ..read more
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11 रूद्र के नाम – शैवागम के अनुसार एकादश रुद्रों के नाम
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11 रूद्र के नाम – 11 Rudra Name भगवान शिव को समर्पित शैवागम के अनुसार 11 रूद्र के नाम (11 Rudra Name) क्रमश: शम्भु, पिनाकी, गिरीश, स्थाणु, भर्ग, सदाशिव, शिव, हर, शर्व, कपाली, और भव के रूप में परिभाषित किया है। महाभारत के अनुसार 11 रुद्रों के नाम – 11 Rudra Avatar of Lord Shiva सबसे बड़े महाकाव्य के रूप में गिना जाने वाला महाभारत अपने आदि पर्व के विभिन्न अध्यायों में 11 रूद्र के नाम (11 rudra ke naam) इस प्रकार समाहित किए हुए हैं: || मृगव्याध, सर्प, निऋति, अजैकपाद, अहिर्बुध्न्य, पिनाकी, दहन, ईश्वर, कपाली, स्थाणु, भव || पुराणों में एकादश रुद्रों के नाम – 11 Rudra Name of Lord Shiva ..read more
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शिव महिम्न स्तोत्र -Shiv Mahimna Stotra Lyrics Hindi
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Shiv Mahimna Stotra – शिव महिम्न स्तोत्र पुष्पदंत शिव महिम्न स्तोत्र का अभिप्राय शिव महिमा से है। शिव महिम्न स्तोत्र (shiv mahimna stotra) संस्कृत पाठ के लाभ अर्थ सहित अत्यंत ही मनोहर है। शिवभक्त श्री गंधर्वराज पुष्पदंत द्वारा अगाध प्रेमभाव से ओतप्रोत यह शिवस्तोत्र भगवान शिव को बहुत प्रिय है। शिव महिम्न स्तोत्र संस्कृत में अर्थ सहित – Shiv Mahimna Stotra Lyrics अथ श्री शिवमहिम्नस्तोत्रम् पुष्पदंत उवाच महिम्नः पारन्ते परमविदुषो यद्यसदृशी। स्तुतिर्ब्रह्मादीनामपि तदवसन्नास्त्वयि गिरः॥ अथावाच्यः सर्वः स्वमतिपरिमाणावधि गृणन्। ममाप्येष स्तोत्रे हर निरपवादः परिकरः॥1 ..read more
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रूद्र मंत्र से शिव को करें प्रसन्न – Rudra Mantra Lyrics & Benefits
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रूद्र मंत्र – Rudra Mantra रुद्र मंत्र (Rudra Mantra) भगवान रूद्र को समर्पित है, जो भगवान शिव का ही रूप माने जाते हैं और व्यापक अर्थों में दोनों एक ही हैं। अर्थात सर्वशक्तिमान भगवान महादेव ही रुद्र हैं। रुद्र मंत्र (rudra mantra lyrics) के इष्ट देवता भगवान शिव ही हैं। रुद्र मंत्र की आवृत्तियों को बार-बार दोहराने अर्थात इनका जाप करने से भगवान शिव का पावन सानिध्य प्राप्त होता है और मंत्र जाप करने वाले की कोई भी इच्छा पूरी हो सकती है। देवों के देव कहे जाने वाले महादेव शिव, जिन्हें रुद्र के नाम से भी जाना जाता है, रुद्र मंत्र (shiva rudra mantra ..read more
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सर्व शक्तिशाली शिव मंत्र, श्लोक, जप संस्कृत में
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शिव मंत्र लिस्ट – सर्व शक्तिशाली गुप्त शिव मंत्र Shiv Mantra in Hindi : भगवान शिव देवो के देव है, भक्त अगर शिव मंत्र (Shiv Mantra in Sankrit), शिव श्लोक (Shiv Slokas), महामृत्युंजय मंत्र, शिव स्तुति और शिव गायत्री मंत्र नहीं भी जनता हो और सिर्फ ॐ नमः शिवाय का मंत्रोउच्चारण भी करे तो महादेव उनकी रक्षा को तत्पर रहते है, लेकिन विधिवत शिव पूजन और शिव मंत्रो से भी वो प्रसन्न होते है, इस पोस्ट में उन्ही मंत्रो का जप करेंगे | कर्पूर गौरं करुणावतारं मंत्र कर्पूर गौरमं कारुणावतारं, संसार सारम भुजगेंद्र हारम | सदा वसंतां हृदयारविंदे,  ..read more
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महाशिवरात्रि 2024- शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और मंत्र
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महाशिवरात्रि 2024 – शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और मंत्र  महाशिवरात्रि के प्रदोषकाल में शंकर-पार्वती का विवाह हुआ था। प्रदोष काल में महाशिवरात्रि तिथि में सर्व ज्योतिर्लिंगों का प्रादुर्भाव हुआ था। शास्त्रनुसार सर्वप्रथम ब्रह्मा व विष्णु ने महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पूजन किया था। पौराणिक मान्यतानुसार दिव्य ज्योर्तिलिंग का उदभव भी महाशिवरात्रि पर्व पर माना जाता है व इसी दिन को ही शिव उत्पत्ति के रूप में मानते हैं। महाशिवरात्रि का व्रत क्यों रखा जाता है – Why Mahashivratri Is Celebrated ..read more
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